नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- केंद्र सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को उनके वेतन खाते के साथ ही बीमा और सभी तरह के वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने के लिए एक नयी पहल की है।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 'केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए एक समग्र वेतन खाता पैकेज' शुरू करने की सलाह दी है ताकि उनकी वित्तीय स्थिति और सामाजिक सुरक्षा बढ़ायी जा सके।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने बुधवार को यहां वेतन खाता पैकेज का औपचारिक शुभारंभ किया। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष, सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वित्तीय सेवा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रीय बीमा आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी वीडियो के माध्यम से समारोह से जुड़े थे।
वित्त मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह पहल का उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को एक ही सुगम खाता संरचना के अंतर्गत बैंकिंग और बीमा लाभों का व्यापक पैकेज प्रदान करना है। सभी श्रेणियों (समूह ए, बी और सी) के कर्मचारियों के लिए अधिकतम कवरेज, एकरूपता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बैंकों के साथ परामर्श करके पैकेज को सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है।
इस उत्पाद के तीन मुख्य खंड हैं - बैंकिंग, बीमा और कार्ड। बैंकिंग सुविधा में उन्नत सुविधाओं के साथ जीरो बैलेंस वेतन खाता; मुफ्त धन हस्तांतरण (आरटीजीएस/एनईएफटी/यूपीआई) के साथ-साथ चेक सुविधा; आवास, शिक्षा, वाहन और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए ऋण पर रियायती ब्याज दर; ऋण के प्रसंस्करण शुल्क में छूट; और लॉकर किराये पर छूट शामिल है।
इसमें 1.50 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, दो करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना बीमा और 1.50 करोड़ रुपये तक स्थायी पूर्ण तथा आंशिक विकलांगता कवर भी मिलेगा।
वेतन खाते में ही 20 लाख रुपये तक की अंतर्निहित सावधि जीवन बीमा सुरक्षा और किफायती प्रीमियम पर बीमा कवरेज को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टॉप-अप सुविधा दी जायेगी। कर्मचारी और परिवार के लिए व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज के तहत एक बेस प्लान और अतिरिक्त टॉप-अप सुविधा शामिल है।
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