बरेली , अक्टूबर 23 -- निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गुरुवार को कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद को कृष्ण के वंशज होने का दावा करते है, तो फिर मथुरा की जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी आवाज क्यों नहीं उठाते। जिस तरह अयोध्या में राम जन्मभूमि का संघर्ष हुआ। अगर अपनी ही परंपरा की रक्षा नहीं कर सकते, तो दूसरों की क्या करेंगे।
डा. निषाद ने अखिलेश यादव के दिए जलाने वाले बयान को लेकर कहा कि जो मिट्टी का दिया बनाते हैं, वही इस देश की सभ्यता के असली रक्षक हैं, और उन्हीं के रोजगार पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। उन्होने कहा " दिया कौन बनाता है। प्रजापति बनाता है। वो गरीब इसलिए है क्योंकि अंग्रेजों से लड़ा था। हमारे पूर्वजों ने मिट्टी के दिए से न सिर्फ घर रोशन किए, बल्कि आजादी की मशाल भी जलाई। जो लोग दीपोत्सव का विरोध कर रहे हैं, उन्हें भारतीय संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।"बिहार चुनाव को लेकर विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज करते हुये उन्होने कहा, " हम त्रेतायुग से राजग के साथ हैं। भगवान राम और निषादराज की मित्रता हमारी विचारधारा की जड़ है। हम राजद के साथ हैं और रहेंगे।" डॉ. निषाद ने बसपा पर भी निशाना साधते हुए कहा " चार बार सरकारें बनीं, लेकिन पिछड़ों के नाम पर सिर्फ राजनीति हुई। न शिक्षा आयोग बना, न कोई ठोस कदम उठा। डबल इंजन सरकार ने पहली बार सबके विकास की दिशा तय की है।"डॉ. संजय निषाद ने कहा कि पीडीए के नाम पर यह वोट लेते हैं लेकिन सरकार में अगड़ों का राज होता है। जब मायावती आती है तो सतीश मिश्रा का राज रहता है और वहीं अगर साइकिल आ जाती है तो पहले अमर सिंह का था और अब माता प्रसाद पांडे की कंपनी काम करती है। समाजवादी पार्टी सिर्फ पिछड़ों के नाम पर वोट लेती है काम सारे पिछड़ी के विरोध वाले करती है।
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