हैदराबाद , जनवरी 03 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार शाम को विधानसभा में विपक्ष से कृष्णा और गोदावरी नदी के पानी के प्रबंधन सहित राज्य के प्रमुख मुद्दों पर बहस में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

श्री रेड्डी ने सूखे और पलायन से लंबे समय से प्रभावित जिले पालमुरु के अपने व्यक्तिगत अनुभव का हवाला देते हुए पानी की कमी, गरीबी और क्षेत्रीय विकास की वास्तविक चुनौतियों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "इन कठिनाइयों को करीब से अनुभव करने के नाते मैं प्रभावी नीति निर्माण की तात्कालिकता को समझता हूं।"उन्होंने कहा कि तेलंगाना के साथ "गंभीर अन्याय" लगाने वाले और कांग्रेस पार्टी को दोषी ठहराने वाले पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से उम्मीद थी कि वह अपने अनुभव का इस्तेमाल कर रचनात्मक रूप से योगदान देंगे।

श्री रेवंत रेड्डी ने कहा, "हमने केसीआर को कृष्णा नदी के पानी पर एक दिन की चर्चा और गोदावरी नदी के पानी पर एक और चर्चा के लिए आमंत्रित किया था।"उन्होंने कहा कि विधानसभा तथ्यों, रचनात्मक चर्चा और जनहित के लिए एक मंच है। उन्होंने कहा, "यह सदन तेलंगाना के चार करोड़ से अधिक लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। यहां बोला गया हर शब्द राज्य की सेवा के लिए होना चाहिए, न कि राजनीतिक दिखावे के लिए।"उन्होंने विधानसभा की बहसों में विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक जवाबदेही के लिए उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।

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