नयी दिल्ली , फरवरी 19 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक पेड़ बैंक बनाने का सुझाव देते हुए कहा है कि पर्यावरण बचाने का सबसे सशक्त माध्यम पेड़ लगाना है, इससे बड़ा कोई माध्यम नहीं है।
वह यहां एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हम पेड़ बैंक बना सकते हैं। जिसमें पीपल, वट, नीम, आम जैसे पेड़ों के पौधे उपलब्ध रहें। जो लोग खुद पौधा लगाना चाहें, वे अपने हाथ से लगाएँ। संस्था गड्ढा, पानी और देखभाल की व्यवस्था करेगी। जिनके पास समय नहीं है, वे थोड़ी राशि दें। उनके नाम से पेड़ लगाए जाएंगे।"श्री चौहान ने यह भी ऐलान किया कि वह अपने स्वागत में अब से माला और स्मृति चिह्न ग्रहण नहीं करेंगे और इसके एवज में वह चाहते हैं कि कोई व्यक्ति एक पेड़ लगाकर आये और उसकी फोटो लेकर आये, इतने से ही उनका स्वागत हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, "अगर प्रधानमंत्री आवास योजना का घर बने, तो शुभारंभ एक पेड़ लगाकर हो। अगर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बने, तो ठेकेदार के लिए पेड़ लगाना अनिवार्य हो।"श्री चौहान ने कहा कि अब से भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (आईसीएआर) और कृषि मंत्रालय के प्रत्येक कार्यक्रम का शुभारंभ पौधारोपण के साथ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वह संतों और मनीषियों से भी निवेदन करेंगे कि वे अपनी कथा, प्रवचन में लोगों को पेड़ लगाने के लिए मार्गदर्शन करें।
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