पटना , अप्रैल 15 -- बिहार कृषि विभाग ने पिछले कुछ महीनों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
'बीज से बाजार तक' की सोच के साथ राज्य सरकार ने न केवल उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि की है, बल्कि किसानों के सीधे सशक्तीकरण के लिए तकनीक और वित्तीय सहायता के नए मानक स्थापित किए हैं।
बिहार के किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का सबसे बड़ा उदाहरण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सफल क्रियान्वयन में देखा गया। 19 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा 21वीं किस्त जारी की गई, जिससे बिहार के 73.37 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1,467 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए। इसके बाद मार्च 2026 में 22वीं किस्त के माध्यम से भी इतनी ही बड़ी राशि किसानों तक पहुंचाई गई, जो खेती के लिए समय पर आर्थिक सहायता सुनिश्चित करती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि विभाग के लिये 3,446.45 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो बिहार कृषि के आधुनिकीकरण और विकास की नई उड़ान का प्रतीक है । कृषि रोडमैप (2023-28) के प्रभावी कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में राज्य ने 326.62 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन किया है, जो वर्ष 2005 की तुलना में तीन गुना से अधिक है ।
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