नयी दिल्ली , जनवरी 08 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नये बजट के पेश होने से पहले गुरुवार को कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय विकास साझेदारों के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों से संवाद किया ।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डल्यूएफपी), अंतराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी), विश्वबैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी), डॉइचे गेज़ेलशाफ्ट फ़्यूर इंटर्नैशियोनाले ज़ुसामेनआर्बाइट (जीआईजेड) और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जीका) सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी थे शामिल थे।
बैठक में श्री चौहान ने कहा कि भारत आज वैश्विक खाद्य आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कई प्रमुख कृषि उत्पादों का निर्यातक बन चुका है और अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद अब पोषण सुरक्षा और सतत आजीविका को अपनी प्राथमिकता दे रहा है।
उन्होंने कृषि में डिजिटल प्रौद्योगिक को बड़े पैमाने पर लागू करने की नीति , जल संरक्षण, पोषण आधारित खेती और फसल विविधीकरण, वैश्विक अनुभवों से सीखने, किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में अच्छा मूल्य देने वाली फसलों, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित