कुशीनगर , दिसम्बर 4 -- उत्तर प्रदेश में कुशीनगर के विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार की अदालत ने तीन वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास व पांच लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त सत्येंद्र निवासी मड़ार विंदवलिया टोला खपरधिक्का को सभ्य समाज में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अगर उसे यह अवसर प्राप्त हुआ तो वह फिर किसी अबोध को अपना शिकार बनाएगा। सजा सुनाते हुए कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सृजन और संवेदना की संस्कृति है। इसका मूर्त रूप नारी है। जिसका समूचा अस्तित्व सृजन एवं संवेदना के स्पंदनों भावनाओं से मानवीयता पुष्पित व पल्वित होती रहती है। कोई भी व्यक्ति अथवा समाज कितना सुसंस्कृत है। इस सवाल का जवाब, उसका नारी के प्रति किए जाने वाले व्यवहार में खोजा जा सकता है।

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