जालौन , मार्च 30 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हुसेपुरा सुरई में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में करीब 9.02 लाख रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी कार्यालय के आदेश के आधार पर कराई गई जांच में पाया गया कि कई विकास कार्य केवल कागजों में दर्शाकर फर्जी भुगतान किया गया। जॉब कार्ड में हेराफेरी, फर्जी नाम जोड़कर मजदूरी निकालना और बिना कार्य कराए भुगतान दिखाना जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
मनरेगा लोकपाल की रिपोर्ट में ग्राम रोजगार सेवक अंकित दीक्षित, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी सुनील कुमार और उदयनारायण दोहरे, तकनीकी सहायक जलील बक्स सिद्दीकी तथा ग्राम प्रधान गीता देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर कुठौंद थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) और 316(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, फर्जी भुगतान की प्रक्रिया और धन के उपयोग की जांच कर रही है। साथ ही गबन की गई राशि की वसूली सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।
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