वाराणसी , मार्च 28 -- कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने अंतरराष्ट्रीय हालात और केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध जैसे हालात के पीछे कुछ महत्वपूर्ण फाइलों को दबाने की मंशा हो सकती है।

शनिवार को काशी पहुंचे नासिर हुसैन ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से पांडेयपुर स्थित एक होटल में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और सोशल मीडिया की बहस से प्रतीत होता है कि "कुछ खास फाइलों को दबाने के लिए युद्ध का सहारा लिया जा रहा है।" उन्होंने अमेरिका और इजरायल से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की कोई ठोस पूर्व तैयारी नहीं दिखती और इसे अचानक शुरू किया गया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देश इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन भी इस मामले में पूरी तरह साथ नहीं दे रहे हैं।

नासिर हुसैन ने देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और पेट्रोल-डीजल के लिए लग रही लंबी कतारों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश ईंधन आयात करता है, फिर भी भविष्य के संकट से निपटने की ठोस तैयारी नहीं की गई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अंतरराष्ट्रीय युद्ध लंबा चला तो देश में ऊर्जा संकट गहरा सकता है और लोग "लकड़ी के चूल्हों के दौर" में लौटने को मजबूर हो सकते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एयरपोर्ट्स का निजीकरण कर रही है और एक ही समूह को कई हवाई अड्डे सौंपे जा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है।

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर उन्होंने कहा कि यह भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है। उनका दावा था कि इस समझौते में अमेरिकी किसानों को भारत में 0% टैक्स पर व्यापार की अनुमति मिलेगी, जबकि भारतीय किसानों को वहां अधिक टैक्स देना पड़ेगा।

कांग्रेस सांसद ने भाजपा पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड्स को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि "डरा-धमकाकर चंदा वसूला गया।"प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि एक ओर नए एयरपोर्ट का उद्घाटन किया जा रहा है, वहीं कुशीनगर एयरपोर्ट की स्थिति और अयोध्या से सीमित उड़ानों पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पूछा कि कितने एयरपोर्ट बेचे गए, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

कुल मिलाकर, वाराणसी में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की विदेश नीति, आर्थिक प्रबंधन और संस्थाओं के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित