कुआलालंपुर , अक्टूबर 28 -- पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के सदस्य देशों ने क्षेत्र में मतभेदों और विवादों का निपटारा अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से करने तथा शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने के प्रति वचनबद्धता व्यक्त करते हुए मंगलवार को यहां कुआलालंपुर घोषणा पत्र को आम सहमति से मंजूरी दी। घोषणा पत्र में अंतर्राष्ट्रीय कानूनों पर आधारित बहुपक्षवाद को शांतिपूर्ण और समृद्ध विश्व का आधार बताया गया है।

विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने 20 वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

घोषणा पत्र में कहा गया है कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय कानून और उसे बढ़ावा देने में संवाद तथा सम्मेलन की भूमिका बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें कहा गया है, " हम आपसी समझ, सम्मान, विश्वास और मित्रता को बढ़ाने के महत्व को रेखांकित करते हैं साथ ही अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से मतभेदों और विवादों का निपटारा करने और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बनाए रखने, बढ़ावा देने और बनाए रखने के साझा हित को भी रेखांकित करते हैं। " सदस्य देशों ने कहा है , " हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतर्राष्ट्रीय कानून पर आधारित बहुपक्षवाद के प्रति पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हैं जो शांतिपूर्ण और समृद्ध विश्व का अनिवार्य आधार है।"घोषणा पत्र में यह भी कहा गया है कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने और उसे कायम रखने के साथ-साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों के सिद्धांतों (बाली सिद्धांत) पर 2011 के पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन घोषणापत्र में निर्धारित सिद्धांतों को भी बढ़ावा देता रहेगा।

सदस्य देशों ने कहा है कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन रचनात्मक, स्पष्ट तथा स्वतंत्र संवाद और विचार-विमर्श के साथ-साथ व्यावहारिक सहयोग के माध्यम के रूप में अपनी भूमिका को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया समय के साथ सकारात्मक और उपयोगी बनी रहे और आसियान तथा क्षेत्र के हितों को फायदा पहुंचे।

घोषणा पत्र में आसियान की केन्द्रीय भूमिका पर जोर देते हुए कहा गया है कि आर्थिक चुनौतियों के विरुद्ध क्षेत्रीय लचीलापन सुनिश्चित करने और क्षेत्र में विकास के अंंतर को कम करने के लिए पारस्परिक हित के क्षेत्रों में भागीदार देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गयी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित