अरवल , नवंबर 09 -- केन्द्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा कि किसी की हिम्मत नहीं है कि बिहार में फिरौती, खून-खराबा, अपहरण और नक्सलवाद को फिर से फैलाए।
श्री शाह ने अरवल जिले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुये कहा कि किसी की हिम्मत नहीं है कि बिहार में फिरौती, खून-खराबा, अपहरण और नक्सलवाद को फिर से फैलाए। उन्होंने कहा कि एक जमाने में जंगलराज में बिहार नक्सलवाद से ग्रस्त था, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में जंगलराज को समाप्त कर दिया है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि लालू-राबड़ी की पूर्ववर्ती राजद सरकार के जंगलराज के समय नरसंहारों ने बिहार को लहूलुहान कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि गलती से भी ये लाल झंडे वाले आ गए तो पूरे बिहार में जंगलराज आ जाएगा। उन्होंने कहा कि एक समय पूरा बिहार नक्सलवाद की जद में था। आज जो लाल झंडे लेकर आते हैं, वही कभी नक्सलवाद को पनपनाते थे। उन्होंने कहा कि फिर से बिहार में लाल झंडे की आड़ में नक्सलवाद लाने की कोशिश की जा रही है।इन लाल झंडे वाले 'माले' वालों को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में उद्योग लाना चाहते हैं, लेकिन यदि लाल झंडा वाले आ गये, तो ये उद्योग कभी नहीं आने देंगे।
श्री शाह ने कांग्रेस-राजद के 'महागठबंधन' को 'ठगबंधन' करार दिया और कहा कि राहुल गांधी को बिहार से ज्यादा बांग्लादेश से आए घुसपैठियों की चिंता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कभी 15 दिन तक शरीर पर धूल नहीं लगने देते, लेकिन फिर भी उन्होंने घुसपैठियों के लिए बिहार में यात्रा निकाली है। उन्होंने कहा कि राहुल के लिए ये घुसपैठिए वोटबैंक हैं। इसलिए श्री गाँधी उन्हें बचाने के लिए 'घुसपैठिया बचाओ' यात्रा निकालते हैं।ये घुसपैठिए युवाओं की नौकरियां छीनते हैं और गरीबों के हिस्से में सेंध लगाते हैं।उन्होंने कहा कि वह उनसे वादा करके जाते हैं कि राहुल गांधी को बिहार से लेकर इटली तक जितनी यात्रा निकालनी है निकालें, लेकिन वह घुसपैठिए को बचा नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि राजग सरकार देश और बिहार से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेगी।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का नाम राहुल गांधी के लिए सिर्फ चुनाव में इस्तेमाल करने के लिए है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए बाबा साहेब का नाम वोट बटोरने का जरिया है, जबकि हमारे लिए श्रद्धा का विषय है। कांग्रेस वालों ने बाबा साहब के जीवित रहते उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। बाबा साहेब को भारत रत्न भी कांग्रेस के सत्ता से जाने के बाद मिला।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने पहले चरण में राजग की रिकॉर्ड जीत सुनिश्चित कर दी है। दूसरे चरण में राजद-कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने वाला है। उन्होंने कहा कि अरवल में उमड़ा जनसैलाब बता रहा है कि पूरे बिहार में बस राजग की लहर है। उन्होंने कहा कि 14 तारीख को ठगबंधन का सफाया होने वाला है। बिहार में फिर से राजग की सरकार बनेगी।
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