अंबिकापुर , अप्रैल 09 -- त्तीसगढ में सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड मुख्यालय में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों को आधुनिक खेती अपनाने और फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में किसानों से संवाद करते हुए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई।
सम्मेलन में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जल संरक्षण के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है और "पानी जिंदगानी है" के संदेश को समझना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे परंपरागत धान की खेती पर निर्भरता कम करते हुए दलहन, तिलहन, सब्जी एवं फल-फूल की खेती को बढ़ावा दें, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो सके और आय में भी वृद्धि हो।
रामविचार नेताम ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वे नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि फसल विविधीकरण से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और बाजार में विभिन्न उत्पादों की मांग का लाभ किसानों को मिलता है।
कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि लुंड्रा क्षेत्र आधुनिक खेती के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यहां के किसानों ने सब्जी उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है और उनकी उपज की मांग प्रदेश के बाहर भी बढ़ी है।
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