चंडीगढ़ , मार्च 06 -- कन्याकुमारी से कश्मीर के लिए सात फरवरी 2026 से चली किसान जागृति यात्रा ने शुक्रवार को पंजाब में प्रवेश किया, जहां 25 से अधिक जगहों पर ट्रैक्टरों के साथ यात्रा का स्वागत किया गया। उसके बाद कोटकपूरा में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के सचिव हर्षदीप सिंह गिल ने यहां जारी बयान में बताया कि रास्ते में फाजिल्का, मलौट, मुक्तसर, सादिक समेत अनेक जगहों पर किसानों ने फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। आज मुख्य तौर पर यात्रा में जगजीत सिंह डल्लेवाल, काका सिंह कोटड़ा, सतनाम सिंह बेहरु, बलदेव सिंह सिरसा, बलदेव सिंह बडाला, हरसुलिन्दर सिंह, जसवीर सिंह सिद्धूपुर, इंदरजीत सिंह घनिया, परगट सिंह, बलजीत सिंह मुक्तसर, बोहड़ सिंह, अरुण पटेल, सुरेश पाटिल, सोनवीर सिंह, इंदरजीत पन्नीवाला, महावीर सहारण, हर्षदीप सिंह गिल, संतोष नागर, मोनीष राजपूत शामिल हुए।
किसानों को सम्बोधित करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका के मध्य होने जा रहा मुक्त व्यापार समझौता भारत के किसानों और खेती के ऊपर बहुत बड़ा हमला है, जिसका सबको मिलजुल कर मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सात फरवरी को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और तमाम राज्यों में उन्हें जबरदस्त जनसमर्थन मिला है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाली 19 मार्च को देशभर से लाखों किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर इस मुक्त व्यापार समझौते से खेती, डेयरी एवं पोल्ट्री क्षेत्रों को बाहर रखने के लिए भारत सरकार पर जरूरी दबाव बनाने में सफल होंगे। किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने कहा कि 2006 में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट आयी थी और 20 साल बीत चुके हैं। कई सरकारें आयीं, लेकिन किसी भी सरकार ने उस रिपोर्ट को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए 7-8 वेतन आयोग लागू हो चुके हैं लेकिन किसानों के लिए सिर्फ एक आयोग बना और दुर्भाग्यवश उस आयोग की रिपोर्ट भी लागू नहीं करी गयी। उन्होंने कहा कि कल मोड़ और मानसा में दो किसान महापंचायतों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें किसान बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
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