पालघर (महाराष्ट्र) , नवंबर 04 -- महाराष्ट्र के पालघर ज़िले के एक किसान को 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत मुआवजे के रूप में दो रूपये तीस पैसे मिलने के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और हैरानी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के वाडा तालुका में शिलोत्तर गांव के किसान मधुकर बाबूराव पाटिल ने सात एकड़ में धान की खेती की थी, जो बेमौसम बारिश से करीब 80 प्रतिशत तक नष्ट हो गई। उन्होंने जुलाई में 1,500 रुपये का बीमा प्रीमियम भरा था। उन्होंने खेती में करीब 80,000 रुपये लगाए और इससे तकरीबन 1.5 लाख की आमदनी की उम्मीद थी। लेकिन 31 अक्टूबर को जब उनके खाते में केवल महज दो रूपये तीस पैसे जमा हुए तो उन्होंने इसे "किसान समुदाय का अपमान" बताया और बीमा कंपनियों पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।

इस घटना के बाद क्षेत्र में व्यापक असंतोष फैल गया। किसानों ने सरकार और बीमा कंपनियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी राजू तांबोली ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दो रूपये तीस पैसे की राशि मौजूदा सीजन के दावे से संबंधित नहीं है बल्कि यह 2022-23 के बीमा दावे की बची राशि थी। रिकॉर्ड के अनुसार, श्री पाटिल को उस अवधि में 72,466 का मुआवजा स्वीकृत हुआ, जिसमें से 72,464, मई 2024 में ट्रांसफर किए गए। तकनीकी त्रुटि के कारण शेष राशि यानी 2.30 पैसे बाद में खुद से उनके खाते में आ गए।

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