जालंधर , जनवरी 05 -- पंजाब लोकतांत्रिक किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों, मनरेगा में बदलाव, चार श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन, विद्युत संशोधन विधेयक 2025 और बीज विधेयक के विरोध में 16 जनवरी को राज्य के सभी उपायुक्तों के कार्यालयों के सामने व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

डॉ अजनाला ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल किसान संगठनों के अलावा ग्रामीण मजदूर, कारखाना कर्मचारी, युवा, छात्र और महिला संगठन भी बड़े पैमाने पर इन धरनों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी में 10 जनवरी को सभी संगठनों की संयुक्त बैठकें होंगी और विरोध प्रदर्शन की तैयारियों को तेज किया जाएगा। राज्य महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने लुधियाना जिले के 110 गांवों के शहर में विलय की निंदा करते हुए कहा कि यह सीसा संग्रहण नीति के समान कदम है, जिसे इन गांवों के लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से पिछली हड़ताल के दौरान किसानों द्वारा स्वीकार की गयी मांगों को लागू करने की मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों और मजदूरों की मांगों पर ध्यान नहीं देती हैं, तो वे अपनी हड़ताल को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। सभा के राज्य प्रेस सचिव हरनेक सिंह गुर्जरवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक किसान सभा पंजाब 12 फरवरी को आम हड़ताल में शामिल होगी। उन्होंने कहा कि महान देशभक्त चाचा अजीत सिंह की जयंती भी 23 फरवरी को मनायी जाएगी।

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