नैनीताल , अक्टूबर 26 -- उत्तराखंड में प्रतिपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने रविवार को धान खरीद के नाम पर धामी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार के बड़े दावों के बावजूद किसानों से धान नहीं खरीदा जा रहा है।
एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि सरकार ने कच्चे आढ़तियों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान खरीदने का लाइसेंस दिया है। सरकार उन्हें धान की तुलवाई एवं परिवहन आदि का खर्च भी दे रही है। इसके बावजूद किसानों से धान नहीं खरीदा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिचैलियों को इतने अधिकार दे दिए हैं कि इससे किसानों का हक मारा जा रहा है। प्रशासन किसानों को भ्रमित कर रहा है और समय पर खरीद न होने से उनका नुकसान हो रहा है।
किसान मंडी में कतार से बचने के लिए निजी गोदामों में धान बेच रहे हैं। व्यापारियों द्वारा भारी कटौती और फर्जी तरीके से नमी की जांच की जा रही है जिससे किसानों का धान औने-पौने दाम में खरीदा जा रहा है। ऐसे में किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तौल केंद्रों पर धान खरीद नहीं होने से मंडी परिसर में धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लगी हुई हैं और किसान धान से भरे वाहनों की चौकीदारी को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उप्र के किसानों से सस्ते में खरीदे हुए धान को ऑनलाइन पोर्टल में चढ़ाया जा रहा है।
श्री आर्य ने माँग की है कि प्रदेश सरकार अधिकारियों को तत्काल सख्त निर्देश जारी कर पारदर्शिता और समय से धान खरीद शुरू कराए।
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