लखनऊ , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असमय वर्षा, ओलावृष्टि और कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
योग ने बुधवार सुबह आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार अन्नदाताओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक प्रभावित किसान एवं बटाईदार के नुकसान का सटीक, निष्पक्ष और समयबद्ध आकलन कर तत्काल क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर राजस्व, कृषि और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ शीघ्र सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए फसल बीमा दावों के शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए। अधिकारियों को किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा गया है, जिससे अधिकतम राहत सुनिश्चित हो सके।
राजस्व विभाग को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से जनपदों को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सहायता पारदर्शी और शीघ्रता से किसानों तक पहुंचे। आवश्यकता अनुसार राहत शिविर स्थापित किए जाएं और मंडी समितियों के माध्यम से भी सहयोग प्रदान किया जाए।
अग्निकांड की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि दी जाए। साथ ही पात्र लाभार्थियों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ शीघ्र दिलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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