पटना , जनवरी 06 -- बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन किसानों का भुगतान लंबित है, उनका भुगतान फर्स्ट इन फर्स्ट आउट व्यवस्था के तहत शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

श्री सिंह ने आज यहां बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के मुख्यालय स्थित सभागार में निगम की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुये अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन किसानों का भुगतान लंबित है, उनका भुगतान फर्स्ट इन फर्स्ट आउट व्यवस्था के तहत शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में मिलों के निबंधन एवं फोर्टिफाइड राइस कर्नेल से जुड़े विषयों पर भी गहन चर्चा हुई।

सचिव श्री सिंह ने निर्देश दिया कि 10 जनवरी 2026 तक मिलों से प्राप्त फोर्टिफाइड राइस कर्नेल सैंपलों की जांच अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए, जिससे गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

श्री सिंह ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित योजनाओं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना , प्रधानमंत्री पोषण योजना , गेहूं आधारित पोषण योजना, किशोरियों के लिए योजना तथा कल्याणकारी संस्था एवं छात्रावास योजना की स्थिति की समीक्षा करते कहा कि इन योजनाओं के सफल संचालन में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम से खाद्यान्न के उठाव से लेकर डिस्पैच तक की सभी गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग पर विशेष जोर दिया जिससे खाद्यान्न ससमय लाभुकों तक पहुंचाया जा सके।

सचिव श्री सिंह ने खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलावार आंकड़ों का अवलोकन किया। जिन जिलों में परिवहन से संबंधित समस्याएं सामने आई, वहां तत्काल निष्पादन के निर्देश दिए गए। मुख्य ट्रांसपोर्टर एवं डोर स्टेप डिलीवरी में प्रयुक्त वाहनों की संख्या जहां आनुपातिक रूप से पर्याप्त पाई गई, वहीं जहां कमी थी, वहां नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई करते हुए शीघ्र पूर्ति करने के निर्देश दिए गए।

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