भराड़ीसैंण (गैरसैण) , मार्च 13 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातचीत के बाद घेर-बाड़ योजना के लिए केंद्रीय मदद एक बार फिर से मिलनी शुरू हो गई है। इस क्रम में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 25 करोड़ रुपये की सहायता उत्तराखंड के लिए मंजूर की है।
राज्य विधानसभा के यहां आहूत सत्र में पांचवें दिन शुक्रवार को डोईवाला के विधायक बृजभूषण गैरोला के प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने स्वीकार किया कि पूर्व में जंगली पशुओं से फसल को बचाने के लिए लगाई जाने वाली घेर बाड़ के लिए जिला योजना से धनराशि दी जाती थी, जो बेहद कम थी। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि केन्द्र से 25 करोड़ रुपये की सहातया जारी होने के बाद अब इस तरह की समस्या नहीं होगी।
मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य में जंगली जानवरों से किसानों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। इसकी रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने घेर बाड़ योजना शुरू की है। तीन वर्ष पहले तक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर आर्थिक सहयोग किया जा रहा था। मगर बाद में केंद्रीय सहायता बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर जिला योजना से घेर बाड़ के लिए मदद उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि श्री धामी इस योजना में केंद्रीय मदद प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों गौचर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान के सामने सरकार ने इस विषय को रखा था। अब इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर 25 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मंत्रालय का पत्र विभाग गुरुवार को प्राप्त हो गया है।
श्री जोशी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिला योजना से 2841 हेक्टेयर जमीन की घेर बाड़ कराई गई है। इस क्रम में 44 हजार 429 किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने सदन में यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में संवेदनशीलता दिखाई है। इस बार के बजट में घेर बाड़ योजना के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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