हनुमानगढ़ , जनवरी 08 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में सिंचाई की रीढ़ मानी जाने वाली एसएसडब्ल्यू माइनर अब एक नयी उम्मीद की किरण बनकर उभर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय भाजपा नेता अमित चौधरी की कोशिशों और किसानों की पुरानी मांगों के चलते इस माइनर का पुनर्निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इस बार ध्यान सिर्फ निर्माण पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, समतलन और पारदर्शिता पर है। झांबर से बहलोलनगर तक फैली यह माइनर न केवल कई गांवों की फसलों को पानी पहुंचाती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की धुरी भी है।

किसानों ने बताया कि अगर यह छोटी नहर सही ढंग से बनी, तो आने वाली पीढ़ियों तक सूखे की मार से बचाव हो सकेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अमित चौधरी ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले ही इस मुद्दे को अपना मिशन बताया था। उन्होंने वायदा किया था कि एसएसडब्ल्यू, एफटीजी और अन्य माइनरों को दुरुस्त किया जाएगा, चाहे चुनावी नतीजे कुछ भी हों। चुनावों के बाद उन्होंने बजट स्वीकृत करवाकर कार्य शुरू कराया और अब तक माइनर का करीब 15 किलोमीटर हिस्सा पूरा हो चुका है। जयपुर राजमार्ग के आगे पुराने पुल की वजह से पानी के प्रवाह में बाधा आ रही थी, जिसे अधिकारियों ने तुड़वाकर रास्ता साफ किया है। समतलन की समस्या पर किसानों ने चिंता जताई थी। अंतिम छोर क्षेत्र के किसान खासतौर पर परेशान थे, क्योंकि गड़बड़ी से उन्हें पानी की कमी झेलनी पड़ सकती है।

सूत्रों ने बताया कि इसके लिये एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो समतलन की जांच से लेकर पूरे कार्य की पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

भाजपा नेता जसपालसिंह सिद्धू ने बताया कि एसएसडब्ल्यू माइनर हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र की अनोखी माइनर है, जहां हेड और टेल दोनों इसी क्षेत्र में हैं। यह कई गांवों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करती है। अगर समतलन में गड़बड़ी रही तो पानी का असमान वितरण पूरे क्षेत्र की कृषि को प्रभावित कर सकता है। इससे फसलों का नुकसान हो सकता है।

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