कांकेर , जनवरी 13 -- छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले के किरगापाटी गांव में कथित अवैध धार्मिक गतिविधियों एवं धर्मांतरण के प्रयासों को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामवासियों ने मंगलवार को कांकेर के थाना प्रभारी को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए मामले में तत्काल जांच कर निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम किरगापाटी पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में स्थित एक आदिवासी बहुल गांव है, जहां संविधान के प्रावधानों के तहत ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्राप्त हैं। इसके बावजूद ग्राम सभा की अनुमति एवं सहमति के बिना कथित रूप से बाहरी व्यक्तियों द्वारा धार्मिक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इन सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को भय, बीमारी, चमत्कारी इलाज और झाड़-फूंक जैसे दावों के सहारे प्रभावित कर धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रारंभ में इन गतिविधियों में सीमित लोग शामिल थे, किंतु हाल के दिनों में इनकी संख्या और गतिविधियों में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे गांव में सामाजिक तनाव और असंतोष का माहौल बन गया है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि धार्मिक उपदेशों और बाहरी प्रभाव के जरिए मानसिक दबाव बनाकर आदिवासी समाज को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो न केवल कानून के विरुद्ध है बल्कि आदिवासी समाज की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में संचालित कथित अवैध धार्मिक गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही और गतिविधियों पर रोक लगाई जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।

इस संबंध में पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्राप्त आवेदन पर संज्ञान लिया गया है। मामले की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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