वाराणसी , अप्रैल 2 -- धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी काशी में हनुमान जयंती के अवसर पर भिखारीपुर से श्री हनुमान ध्वजा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में महिलाएं, पुरुष और बच्चे हाथों में ध्वज लेकर बड़े उत्साह से शामिल हुए। अनेक भक्तों के हाथों में गदा भी थी। पूर्वांचल के साथ ही देश के अन्य हिस्सों से भी श्रद्धालु इस ध्वजा यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे। यात्रा संकट मोचन मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई, जहां भक्तों ने हनुमान जी को ध्वज अर्पित किए।

हनुमान ध्वजा यात्रा के अध्यक्ष रामबली मौर्या ने बताया कि इस वर्ष 5100 बड़े ध्वज और करीब 21,000 छोटे ध्वज भक्तों को वितरित किए गए। यात्रा में दर्जनों झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। हनुमान जी के रथ को दर्जनों कारीगरों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भव्य रूप से सजाया। इस भव्य आयोजन की तैयारी एक महीने पहले से की जाती है।

यात्रा में 1100 हनुमान भक्त गदा लेकर भी शामिल हुए। भगवान राम दरबार की झांकी और भजन-कीर्तन से पूरा माहौल राममय हो उठा। भक्त डांडिया खेलते नजर आए, तो वहीं महादेव के औघड़ रूप में कुछ भक्त झूमते दिखे। दर्जनों डमरुओं की गूंज और 'जय श्री राम' के उद्घोष से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा।

संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभर नाथ मिश्रा ने बताया कि चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर हनुमान जयंती मनाया जाता हैं। 11 तारीख तक लगातार उत्सव चलता रहेगा। आज सभी भक्तों को प्रसाद भी दिया जाता है।

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