वाराणसी , फरवरी 6 -- धार्मिक और संगीतमय नगरी काशी में भारत रत्न, स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर की चौथी पुण्यतिथि पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वाराणसी डर्बी शायर क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर के नेतृत्व में पितरकुंडा स्थित प्राचीन कुंड पर संपन्न हुआ। उनके नाम से ट्रेन चलाने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने लता मंगेशकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा कुंड में मछलियों को चारा खिलाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। शकील अहमद जादूगर ने कहा कि 6 फरवरी 2022 को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने इस दुनिया को अलविदा कहा था।
उन्होंने बताया कि लता जी का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था और वे प्रख्यात संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर की सबसे बड़ी पुत्री थीं। शकील अहमद ने कहा कि लता मंगेशकर ने लगभग 80 वर्षों तक अपनी मधुर और सुरीली आवाज से देश-विदेश को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने कई भाषाओं में हजारों गीत गाए, जो भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर हैं।
इस दौरान शकील अहमद जादूगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि लता मंगेशकर के नाम पर वाराणसी से एक विशेष ट्रेन चलाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लता जी को अपनी दीदी मानते थे, इसलिए यह पहल उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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