वाराणसी , मार्च 27 -- पूरा मध्य एशिया युद्ध की आग में जल रहा है। हजारों लोग मारे जा रहे हैं और शांति का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में धार्मिक नगरी काशी की मुस्लिम महिलाओं ने रामनवमी के पवित्र अवसर पर प्रभु श्रीराम की महाआरती उतारकर दुनिया को शांति का संदेश दिया।

हाथों में सजावटी थाल, होठों पर रामनाम का मंत्र और आँखों में भक्ति की चमक लिए ये महिलाएँ उन कट्टरपंथियों को चेतावनी दे रही हैं, जो नफरत का जहर घोलकर आपस में हिंसा कराते हैं। मुस्लिम महिलाओं का साफ संदेश है कि बिना भारत के शांति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म बदलने से पूर्वज नहीं बदलते। प्रभु राम का जन्म विश्व के कल्याण के लिए हुआ था।

विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रामनवमी के अवसर पर सुभाष भवन में हिंदू-मुस्लिम महिलाएँ एकत्र हुईं। सभी ने भगवान श्रीराम और माता जानकी की आरती उतारी तथा उर्दू में राम-प्रार्थना की। ढोल की थाप पर राम जन्म के गीत गाए गए।

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