हनोई , दिसंबर 08 -- वैश्विक काली मिर्च निर्यात बाजार पर वियतनाम का दबदबा लगातार मजबूत होता जा रहा है। वियतनाम ने इस वर्ष के पहले 11 महीनों में 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक मूल्य की कुल 2,25,009 टन काली मिर्च का निर्यात करके अपनी नंबर वन की पोजीशन को बरकरार रखा है।

वियतनाम ने इस अवधि के दौरान कुल 2,25,009 टन काली मिर्च का निर्यात किया, जिसमें 1,92,899 टन काली मिर्च और 32,110 टन सफेद मिर्च शामिल थी। देश को काली मिर्च से लगभग 1.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर और सफेद मिर्च से 262 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की आय हुई। रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका वियतनामी काली मिर्च के लिए सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है, जो कुल निर्यात का 21.7 प्रतिशत (48,849 टन) है।

वियतनाम अपनी आधुनिक कृषि तकनीक और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण काली मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक बना हुआ है, जिसका वैश्विक निर्यात में हिस्सा लगभग 35 से 45 प्रतिशत है। अन्य शीर्ष निर्यातकों में ब्राजील करीब एक लाख टन और इंडोनेशिया अधिकतम 70 टन शामिल हैं। ये तीनों देश मिलकर वैश्विक आपूर्ति के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करते हैं।

इस प्रतिस्पर्धा के बावजूद, भारत भी काली मिर्च के निर्यात में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मसाला बोर्ड के नवीनतम आँकड़ों (वित्त वर्ष 2024-25) के अनुसार, भारत ने लगभग 20,830 टन काली मिर्च का निर्यात किया। हालांकि भारत मात्रा के मामले में वियतनाम और ब्राजील से पीछे है, लेकिन यह मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता वाली, विशेष किस्मों (जैसे मालाबार और तलाचेरी) का निर्यात करता है। भारतीय काली मिर्च के प्रमुख आयातक देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात और जर्मनी शामिल हैं।

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