भदोही , फरवरी 5 -- कालीन नगरी भदोही के कुशल बुनकरों ने अपनी कला से आस्था का ऐसा ताना-बाना बुना है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है।
शहर की एक प्रतिष्ठित निर्यातक फर्म ने रामेश्वरम स्थित पौराणिक श्रीराम सेतु को कालीन पर उकेरकर उसे भित्ति चित्र (वॉल हैंगिंग) का रूप दिया है। बारीक धागों और महीन कारीगरी से तैयार यह कलाकृति न केवल आकर्षक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और श्रद्धा का जीवंत प्रतीक भी बन गई है।
फर्म के निदेशक वैभव बरनवाल ने बताया कि इस विशेष रचना को तैयार करने में बुनकरों ने कई सप्ताह तक अथक परिश्रम किया। समुद्र की लहरों के बीच उभरते सेतु की संरचना को रंगों और डिजाइन के माध्यम से इस तरह दर्शाया गया है कि देखने वाला मानो रामायण काल की स्मृतियों में पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि इस कृति का उद्देश्य युवाओं को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
बरनवाल ने बताया कि फर्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष इस वॉल हैंगिंग का विमोचन कराने की इच्छुक है और इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को अनुरोध भेजा गया है। उनका मानना है कि यह कलाकृति केवल सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के गौरव और सनातन परंपरा का संदेश देने वाला माध्यम है।
निर्यातक के अनुसार, ऐसी रचनाएं देश-विदेश में भारतीय कला की अलग पहचान स्थापित करेंगी। उनका विश्वास है कि जब लोग अपने घरों या कार्यालयों की दीवारों पर श्रीराम सेतु की यह छवि देखेंगे, तो वह केवल एक कालीन नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति के संगम का अनुभव करेंगे।
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