लखनऊ , अप्रैल 17 -- उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत 12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में 29,607 छापे और निरीक्षण किए गए हैं।
इस कार्रवाई के दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों समेत कुल 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। मौके से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 261 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि इस सख्ती का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है और पेट्रोल-डीजल व एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
प्रदेश के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं को निर्बाध ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में करीब 82,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.05 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें।
एलपीजी आपूर्ति भी पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के जरिए उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति होटल, ढाबा, उद्योग और सामुदायिक रसोई जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है।
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