पटना , दिसंबर 04 -- लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने शिकायतों का ससमय निष्पादन नही करने पर एक कार्यापालक अभियंता समेत दस पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है।

विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं शिकायतों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई ।

इस दौरान शिकायतों का ससमय निष्पादन ना करने पर विभाग द्वारा एक कार्यापालक अभियंता, चार सहायक अभियंता तथा पांच कनीय अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है।

बैठक में केंद्रीय शिकायत निवारण कक्ष पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निपटान की समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान अधिकांश प्रखंडों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया, जबकि कुछ प्रखंडों- बेनीपट्टी, गोरौल, लालगंज, बहेड़ी एवं पारु की स्थिति असंतोषजनक पाई गई।

इन प्रखंडों में पदस्थापित पांच कनीय अभियंताओं पर विभाग की ओर से कारवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है। इनमें बेनीपट्टी में पदस्थापित प्रकाश चंद्र, गोरौल में पदस्थापित अनिल कुमार, लालगंज में पदस्थापित सुश्री सुप्रिया स्वराज,बहेड़ी में पदस्थापित मो. मामूर एवं पारु में पदस्थापित अनीश कुमार शामिल हैं।इसी प्रकार लहरियासराय में पदस्थापित शिव कुमार , पुपरी में पदस्थापित मनीष कुमार ,लालगंज में पदस्थापित राकेश कुमार और सीतामढ़ी प्रखण्ड में पदस्थापित महेश कुमार समेत चार सहायक अभियंताओं के असंतोषजनक कार्य निष्पादन पर भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

विभाग द्वारा इनके विरुद्ध कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं विभागीय आदेशों की अवहेलना के लिए अनुशासनिक कारवाई की जा रही है। साथ ही शिकायतों के समाधान में लापरवाही पाए जाने पर दरभंगा के कार्यपालक अभियंता, प्रदीप कुमार के विरुद्ध भी कठोर अनुशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।

गौरतलब है कि विभाग द्वारा शिकायत निवारण की समयबद्धता और गुणवत्ता से संबंधित अभियंताओं की नियमित जारी की जा रही रैंकिंग में भी उक्त अभियंताओं की रैंकिंग सबसे पीछे पायी गई।

इस दौरान विभागीय सचिव ने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान विभाग द्वारा निर्धारित समय अवधि में करना अनिवार्य है और इसमें किस भी अधिकारी द्वारा लापरवाही प्रतीत होने पर विभाग द्वारा आगे भी इसी प्रकार सख्त कारवाई की जाएगी।इस दौरान फील्ड अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि जहाँ भी संवेदकों द्वारा पर्याप्त मरम्मति दल नहीं लगाए जा रहे हैं, वहाँ अविलंब संवेदक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी प्रमंडलीय मुख्य अभियंताओं को अपने क्षेत्र में शिकायतों की नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है ।

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