सोनीपत , नवंबर 02 -- हरियाणा के सोनीपत जिले के सिद्धपीठ तीर्थ सतकुम्भा धाम पर पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का विशाल मेला लगेगा।
पीठाधीश्वर महंत राजेश स्वरूप महाराज के सानिंध्य में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
प्रबंधक सूरज शास्त्री ने बताया कि पूरे कार्तिक मास में तारों की छांव में स्नान करने वाली माता-बहनें अब पूर्णिमा पर भगवान की कृपा के पात्र बनेंगी। श्रद्धालु भक्तिभाव से स्नान करेंगे, प्रसाद ग्रहण करेंगे और प्रभु का गुणगान करेंगे। मेले में भंडारों की सेवा रहेगी, जहां श्रद्धालुओं के सहयोग से भंडारा किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था भी चाक-चौबंद है। बुलंदपुर, अहीर माजरा, गन्नौर व अन्य क्षेत्रों की से आने वाले वाहनों के लिए निःशुल्क पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। प्रबंधन में सत्यवान स्वरूप महाराज, सोमबीर शास्त्री, अमन शास्त्री सहित स्वयंसेवक डटे हुए हैं, जो हर व्यवस्था में सेवा दे रहे हैं।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान का महत्व असीम है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों, तीर्थों में स्नान से सांसारिक पाप-ताप का शमन होता है। गंगा स्नान विशेष फलदायी माना जाता है, क्योंकि देवी-देवता पृथ्वी पर आकर स्नान करते हैं, जिससे जल अमृतमय हो जाता है। इसे त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, जब भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया। स्नान से अक्षय पुण्य, सुख-समृद्धि व मोक्ष की प्राप्ति होती है। दान-पुण्य का फल कई गुणा बढ़ जाता है। सिख समुदाय में यह गुरू नानक जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन दीपदान से अंधकार नष्ट हो जाता है।
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