कानपुर , फरवरी 8 -- उत्तर प्रदेश में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने फर्जी जीएसटी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अस्तित्वहीन फर्मों का पंजीकरण कराते थे और बिना वास्तविक व्यापार के फर्जी टैक्स इनवॉइस व ई-वे बिल जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अवैध लाभ उठाते थे, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रवण कुमार सिंह ने रविवार को यहां पत्रकारों को बताया कि राज्य कर विभाग की सूचना पर थाना कल्याणपुर में पिछले दिनों मामला दर्ज किया गया था। जांच में "अपूर्वा ट्रेडिंग कंपनी" नामक फर्म पूरी तरह बोगस पाई गई, जिसके पते पर कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं मिली। वर्ष 2019-20 में लगभग 2.54 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी और 12.71 लाख रुपये की पेनाल्टी समेत कुल 2.66 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक अनियमितता सामने आई है।
उन्हाेने बताया कि पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। उनके कब्जे से बैंक खातों का विवरण, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल फोन, जीएसटी इनवॉइस, ई-वे बिल और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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