कानपुर , मार्च 28 -- कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को किदवई नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) और क्षयरोग (टीबी) केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर समेत पांच स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के समय डॉक्टर विवेक सोनकर उपस्थित मिले, जबकि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह अनुपस्थित पाई गईं। उपस्थिति पंजिका की जांच में विकास, विकास यादव, अमित कुमार, डॉ. श्रेया सचान और अमन शुक्ला भी गैरहाजिर मिले। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी रजिस्टर की भी जांच की। 27 मार्च की प्रविष्टियों में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह के हस्ताक्षर दर्ज पाए गए, जबकि जानकारी के अनुसार वह उस दिन प्रशिक्षण में थीं। पूछताछ में सामने आया कि मरीजों का विवरण डॉक्टर विवेक सोनकर द्वारा दर्ज किया गया था। इस पर डीएम ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने परिसर में संचालित क्षयरोग केंद्र का निरीक्षण किया। यहां कुल 11 कर्मचारियों में से पांच के अन्य स्थानों पर संबद्ध होने की जानकारी पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा और संबंधित कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर वापस लाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।

निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि कोविड काल से पहले टीबी मरीजों को केंद्र में भर्ती कर इलाज दिया जाता था, जो वर्तमान में बंद है। इस पर डीएम ने भर्ती वार्ड व्यवस्था दोबारा शुरू करने और आवश्यक सुविधाएं बहाल करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी अनियमितता मिले, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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