कानपुर , जनवरी 06 -- नये साल में कानपुर पुलिस ने समाज के विभिन्न वर्गो से आत्मीयता बनाने की पहल के तहत मंगलवार को व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्यायों को जाना और त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठन एवं प्रमुख व्यापारी शामिल हुये। बैठक का उद्देश्य पुलिस प्रशासन एवं व्यापारियों के बीच आपसी तालमेल को और अधिक मजबूत करना, व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना तथा शहर में बढ़ते साइबर अपराधों, यातायात समस्याओं एवं सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

श्री लाल ने कहा कि कानपुर नगर के विकास, शांति एवं सुरक्षा में व्यापारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस एवं व्यापारी यदि मिलकर कार्य करें तो अपराध नियंत्रण एवं बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित करना सरल हो सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध केवल तकनीकी समस्या न रहकर एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुके हैं। केवाईसी प्रक्रिया में मौजूद कुछ खामियों का दुरुपयोग कर म्यूल अकाउंट बनाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

इस अवसर पर उन्होंने हाल ही में घटित प्रमुख साइबर अपराधों, अपराधियों की मॉडस ऑपरेण्डी, विवेचना के दौरान हुए महत्वपूर्ण खुलासों तथा अपराधियों से की गई बरामदगी की विस्तृत जानकारी दी। पुलिस आयुक्त ने बताया कि कानपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, व्यापारिक संगठनों, चिकित्सक समुदाय, जनसभाओं एवं अन्य सामाजिक मंचों पर निरन्तर बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

बैठक के दौरान डीजी मुख्यालय द्वारा निर्मित एक लघु जागरूकता फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिससे उपस्थित व्यापारियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर तथा थानों में स्थापित साइबर हेल्पडेस्क की जानकारी देते हुए अपील की कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल सूचना दें।

बैठक के दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने की मांग की।

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