कानपुर , जनवरी 03 -- उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने शनिवार को वरिष्ठ चिकित्सकाें के साथ एक बैठक कर अस्पतालों में कानून व्यवस्था के परिपेक्ष्य में आने वाली समस्यायों को जाना और उचित कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में 300 के करीब मेडिकल प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। गोष्ठी के दौरान चिकित्सकों ने कांशीराम ट्रॉमा सेंटर में पीड़ितों की बढ़ती हुई भीड़ तथा आए दिन परिजनों द्वारा वाद विवाद के दृष्टिगत पुलिस चौकी स्थापना की मांग की। इसके अलावा डॉक्टरों पर गैर इरादतन हत्या के मामले में एफआईआर लिखने के पूर्व उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील की गयी। कानपुर मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने अस्पताल परिसर में अवैध अतिक्रमण और यातायात जाम की समस्या बतायी और हैलट अस्पताल में एक अतिरिक्त चौकी की भी मांग की।

पुलिस आयुक्त ने चिकित्सकों की मांग एवं सुधार संबंधी उपायों से सहमति जताते हुए यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

श्री लाल ने बढ़ते हुए साइबर क्राइम, इसके तरीके, दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय तथा कानपुर पुलिस द्वारा पिछले दिनों अनावरित साइबर क्राइम मामलों का जिक्र किया और साइबर क्राइम से बचाव में जागरूकता अभियान की महती भूमिका के बारे में भी बताया।

उन्होने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली ना किया जाए जिससे स्वर्णिम समय का सकुशल उपयोग हो सके। इसके अलावा किसी भी मेडिको लीगल केस को स्थानीय पुलिस को तत्काल संज्ञान में लाने की सलाह दी।

बैठक में संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय/अपराध विनोद कुमार सिंह, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय कासिम आबिदी, पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, अपर पुलिस उपायुक्त कानून एवं व्यवस्था महेश कुमार(नोडल अधिकारी) व कानपुर के 300 से अधिक चिकित्सक शामिल हुए, जिनमें आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनुराग, आईएमए पदाधिकारी डॉ. नंदिनी रस्तोगी, जीएसवीएम के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला, कार्डियोलॉजी निदेशक डॉ. राकेश वर्मा, उर्सला अस्पताल के निदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल, चांदनी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सी.के. सिंह शामिल थे।

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