बैतूल , दिसंबर 30 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के विकासखंड बैतूल अंतर्गत ग्राम बाजपुर स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला में प्रशासनिक लापरवाही के कारण 34 बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया है। कागजों में स्कूल को बंद दर्शाए जाने के चलते विद्यालय में 26 दिसंबर से मध्यान्ह भोजन योजना पूरी तरह बंद है, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खंडारा को दिए गए लिखित आवेदन में बताया गया है कि स्कूल का डाइस कोड निष्क्रिय हो जाने के कारण मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ बंद कर दिया गया है। जिला पंचायत की मध्यान्ह भोजन योजना प्रभारी किरण पवार ने मौखिक रूप से अवगत कराया कि नवंबर 2025 से न तो खाद्यान्न की राशि जारी होगी और न ही रसोइयों के मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
किरण पवार के अनुसार बैतूल बाजार स्थित सीएम राइज स्कूल में 12 विद्यालयों का विलय किया गया है, जिनमें बाजपुर स्कूल का नाम भी शामिल है। इसी वजह से पोर्टल पर इस विद्यालय की छात्र संख्या शून्य दर्शाई जा रही है, जिससे यह स्वचालित रूप से मध्यान्ह भोजन योजना के लिए अपात्र हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों के विलय और डाइस कोड से संबंधित निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं, जबकि मध्यान्ह भोजन का आवंटन राज्य स्तरीय एमडीएम एजेंसी द्वारा किया जाता है।
जांच में सामने आया कि विद्यालय वास्तव में संचालित है, लेकिन प्रशासनिक रिकॉर्ड में इसे बंद स्कूल की श्रेणी में डाल दिया गया है। बताया गया कि शिक्षकों द्वारा बच्चों को ऑनलाइन पोर्टल पर मैप कराने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की जा सकी, जिसके कारण डाइस कोड स्वतः निष्क्रिय हो गया।
विद्यालय से पूर्व में 18 विद्यार्थियों की स्थानांतरण प्रमाणपत्र जारी की जा चुकी है, जबकि वर्तमान में 34 बच्चे अब भी इसी विद्यालय में अध्ययनरत हैं। इन बच्चों को सीएम राइज स्कूल भेजा जाना था, लेकिन न तो उनकी समुचित व्यवस्था की गई और न ही नाम पोर्टल पर दर्ज हो सके। ब्लॉक रिसोर्स सेंटर स्तर पर भी अब तक इस गंभीर त्रुटि के निराकरण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही की सजा मासूम बच्चों को भुगतनी पड़ रही है। मध्यान्ह भोजन बंद होने से बच्चों की उपस्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर विद्यालय का डाइस कोड पुनः सक्रिय कराने और मध्यान्ह भोजन योजना बहाल करने की मांग की है।
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