बेंगलुरु , फरवरी 24 -- मशहूर फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बेंगलुरु में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म कांतारा में दर्शायी गयी दैव परंपरा की मिमिक्री कर हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है।
यह प्राथमिकी जनवरी 2026 में अदालत के निर्देश पर हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। अब इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में होने की उम्मीद है।
शिकायत के अनुसार यह कथित घटना 28 नवंबर, 2025 को गोवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के समापन समारोह के दौरान घटी। शिकायतकर्ता, बेंगलुरु स्थित अधिवक्ता प्रशांत मेथल ने आरोप लगाया कि अभिनेता ने ऐसे इशारे किए और टिप्पणियां कीं जिनमें तटीय कर्नाटक की दैव परंपरा से जुड़े पवित्र तत्वों का उपहास किया गया था।
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अपनी शिकायत में श्री मेथल ने दावा किया कि दो दिसंबर, 2025 को बेंगलुरु स्थित कर्नाटक स्टेट बिलियर्ड्स एसोसिएशन के इंस्टाग्राम पर ब्राउज़ करते समय उन्हें इस प्रदर्शन का एक वीडियो मिला। बताया जाता है कि यह वीडियो ब्रीफ चाट नामक एक अकाउंट द्वारा साझा किया गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रणवीर सिंह ने पंजुर्ली और गुलिगा दैव से संबंधित भावों की भद्दी और अपमानजनक नकल की और पवित्र चावुंडी दैव को स्त्री दैव कहा। उन्होंने कहा कि चावुंडी दैव को कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक संरक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है और भक्त उन्हें अत्यंत श्रद्धा से देखते हैं।
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया कि यह कृत्य जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण ढंग से किया गया था, जिसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और शत्रुता को बढ़ावा देना है।
इससे पहले, 27 दिसंबर, 2025 को अधिवक्ता ने बेंगलुरु के अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक निजी शिकायत दर्ज कराई गई थी। न्यायालय ने 23 जनवरी, 2026 को हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन को बीएनएस की धारा 175(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
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