कोच्चि , दिसंबर 05 -- कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल ने अपने खिलाफ दर्ज दुष्कर्म और जबरन गर्भपात के मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।यहां राजधानी स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा एक दिन पहले गिरफ्तारी-पूर्व सुरक्षा देने से इनकार करने के बाद अब राहुल ने यह कदम उठाया है।

सत्र न्यायालय ने बंद कमरे में हुई सुनवाई में मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच के बाद पाया कि बार-बार यौन उत्पीड़न, गर्भधारण और शिकायतकर्ता को गर्भपात के लिए मजबूर करने जैसे आरोप इतने गंभीर हैं कि इस समय अग्रिम ज़मानत देना उचित नहीं है और इस तरह की सुरक्षा दिये जाने से जारी जाँच में बाधा आ सकती है।

उच्च न्यायालय में अपनी नयी याचिका में, ममकूटाथिल ने तर्क दिया है कि शिकायत राजनीति से प्रेरित थी। उनका तर्क है कि प्राथमिकी दर्ज करने में देरी और सामान्य माध्यमों के बजाय सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करने से मामले के पीछे की मंशा पर संदेह पैदा होता है। नेमोम पुलिस स्टेशन में बाद में स्थानांतरित की गयी प्राथमिकी में, ममकूटाथिल को कई गैर-जमानती धाराओं के तहत पहला आरोपी बनाया गया है, जिनमें बलात्कार, बिना सहमति के गर्भपात कराना, आपराधिक धमकी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि अगर उन्हें अग्रिम ज़मानत दी जाती है, तो गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने का जोखिम हो सकता है।

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