कांकेर , फरवरी 06 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर में कांग्रेस ने आज केंद्र सरकार की मनरेगा विरोधी नीतियों के विरोध में ''मनरेगा बचाओं अभियान'' के तहत जोरदार प्रदर्शन किया।
अभियान के तहत हुए इस प्रदर्शन में पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट घेराव से रोका गया, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को सुनियोजित ढंग से कमजोर करने में लगी है। उनका यह आरोप केवल प्रशासनिक विफलताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वैचारिक संघर्ष की ओर इशारा करता है। कांग्रेस का मानना है कि यूपीए सरकार द्वारा 2006 में लाए गए इस कानून से महात्मा गांधी का नाम जुड़ा है और वर्तमान केंद्र सरकार उनके विरासत को ही मिटाने का प्रयास कर रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। कांकेर जैसे आदिवासी बहुल और विकास की दृष्टि से संवेदनशील जिले में, मनरेगा ग्रामीण रोजगार का एक प्रमुख स्रोत है।
श्री बैज ने कहा '''मनरेगा को खत्म करने की साजिश चल रही है। यह गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है।'' यह प्रदर्शन आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा लगता है, जिसमें पार्टी गरीबों और मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने वाली छवि पेश करना चाहती है।
प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए कलेक्ट्रेट मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की, जिससे प्रदर्शनकारियों को वहीं धरने पर बैठना पड़ा। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।
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