चंडीगढ़ , नवंबर 08 -- पंजाब कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को एक होर्डिंग पर तस्वीरें लगाने के लिए पंजाब अनुसूचित जाति आयोग द्वारा तलब किए जाने की कड़ी निंदा की है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राणा के.पी. सिंह ने शनिवार को कहा कि चुनावी गतिविधियों की निगरानी और आदर्श आचार संहिता का पालन कराना भारतीय चुनाव आयोग का काम है, न कि पंजाब अनुसूचित जाति आयोग का इससे कोई लेना देना है। उन्होंने कहा कि बाजवा को तलब करने की आयोग की कार्रवाई एक खास नेता के प्रति पक्षपात को दर्शाती है।

श्री राणा ने कहा कि वह (बाजवा) अकेले नेता नहीं थे, जिन्होंने उस सभा को संबोधित किया था जिसमें वह होर्डिंग लगाया गया था, जिस पर आयोग ने आपत्ति जताई थी। श्री बाजवा को ही क्यों तलब किया जाना चाहिए? क्या सिर्फ इसलिए कि वह तरनतारन में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं?पूर्व अध्यक्ष ने जोर दिया कि चुनावों के संचालन और निगरानी के लिए भारतीय चुनाव आयोग के समानांतर कोई संरचना नहीं हो सकती, क्योंकि इससे उचित प्रक्रिया कमजोर होगी और विपक्षी दलों को समान अवसर नहीं मिलने का खतरा होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित