Cong leaders link BJP for offering Rs 5-crore bribe to each Odisha MLA; 2 heldबेंगलुरु, 15 मार्च (वार्ता) कांग्रेस नेताओं ने आज आरोप लगाया कि कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय से संबंध रखने वाले ओडिशा के चार लोगों ने बेंगलुरु में पार्टी के विधायकों को पांच-पांच करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की और इसे चुनावों को प्रभावित करने का एक बेशर्मी भरा प्रयास बताया गया है।
इस घटनाक्रम में धमकियां और भाजपा तथा ओडिशा के शीर्ष अधिकारियों से संबंधों की बात भी सामने आई है, जिससे चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
पुलिस के अनुसार चार संदिग्धों में से दो को बिदादी के पास एक रिसॉर्ट से हिरासत में लिया गया। इन पर कथित तौर पर कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने और उनसे बातचीत करने की कोशिश का आरोप है। संदिग्धों की पहचान बीरेंद्र प्रसाद, सुरेश, अजीत कुमार साहू और सिमाचल मोहकुड के रूप में हुई है। उन्हें आगे की जांच के लिए बिदादी पुलिस को सौंप दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (बेंगलुरु दक्षिण) ने पुष्टि की कि विधायकों से शिकायत मिली है और उसकी जांच की जा रही है तथा जल्द ही एक प्राथमिकी दर्ज होने की उम्मीद है। बिदादी थाने दी गई एक लिखित शिकायत में ओडिशा में कांग्रेस विधायक दल के उप नेता अशोक कुमार दास ने आरोप लगाया कि इन चारों व्यक्तियों ने विधायकों को भारी रकम की रिश्वत देने की कोशिश की, ताकि वे किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस-वोट करें।
शिकायत में कहा गया है कि जब विधायकों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो उन व्यक्तियों ने विधायकों को ओडिशा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से कांग्रेस के आठ विधायक 12 मार्च से बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे।
कांग्रेस सांसद सप्तगिरी उलका ने बताया कि चार लोग बेंगलुरु के एक होटल में रुके थे, जहाँ आठ कांग्रेस विधायक सुरक्षा घेरे में ठहरे हुए थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "नाश्ते के दौरान वे विधायकों के आस-पास संदिग्ध तरीके से घूम रहे थे और होटल की लिफ्ट में भी चढ़े, लेकिन बाहर नहीं निकले। जब हमें कुछ गड़बड़ लगी, तो हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी।"उन्होंने बताया कि जाँच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड और संदेश में श्री राय का ज़िक्र था, जिससे पता चलता है कि विधायकों को खाली चेक और हर विधायक को पांच करोड़ रुपये देने का लालच देकर लुभाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, "यह कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। उन चार लोगों में से एक (ओडिशा के) मुख्यमंत्री का सहयोगी है, और बाकी लोग दिलीप राय से जुड़े सहयोगी हैं।"उन्होंने आरोप लगाया कि इन धमकियों के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ज़िम्मेदार हैं। इन धमकियों में कथित तौर पर यह भी शामिल था कि अगर कोई विधायक विरोध करेगा, तो उसका अपहरण कर लिया जाएगा।
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