नयी दिल्ली , दिसंबर 06 -- युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने अभूतपूर्व यात्रा संकट और आयु-सीमा छूट के भ्रम के मामले का हवाला देते हुए रविवार को आयोजित होने वाली जम्मू कश्मीर प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की मांग की है।

उन्होंने जम्मू- कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह करते हुए कहा कि अभ्यर्थी अभूतपूर्व यात्रा संकट और आयु-सीमा छूट के भ्रम से जूझ रहे हैं, जिससे परीक्षा निष्पक्ष नहीं रह जाएगी।

उन्होंने बताया कि उड़ानों के रद्द होने, देरी और आवागमन बाधित होने से जम्मू, श्रीनगर, लद्दाख आदि क्षेत्रों से आने वाले अनेक अभ्यर्थी हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था संभव नहीं हो पा रही। अंतिम समय में एयर किराए के अत्यधिक किराया बढ़ाने से कई उम्मीदवार वैध एडमिट कार्ड होने के बावजूद परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पा रहे हैं।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने ओपन- मेरिट अभ्यर्थियों के लिए 2021 तक लागू पाँच वर्ष की अतिरिक्त आयु-छूट नीति पर भी कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं होने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि तब आयु सीमा छूट के कारण 37 वर्ष तक की उम्र के उम्मीदवार परीक्षा दे सकते थे लेकिन अब इसमें 32 वर्ष से अधिक आयु वाले उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर गहरी अनिश्चितता है जिसे तत्काल दूर की जाने की सख्त जरूरत है।

श्री चिब ने इस परीक्षा के स्थगन, पूर्ववत आयु-छूट बहाली और आयु-सीमा पर स्पष्ट लिखित आदेश की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षा कराना न्यायसंगत, पारदर्शी और समावेशी नहीं होगा।

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