बेंगलुरु , नवंबर 01 -- कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे पर प्रदेश के हितों के साथ पूरी तरह से विफल और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया एवं संचार अध्यक्ष रमेश बाबू (एमएलसी) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में शोभा करंदलाजे के कार्यकाल ने राज्य को कोई गौरव, कोई प्रगति और कोई उद्देश्य नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में एक शक्तिशाली मंत्रालय संभालने के बावजूद सुश्री करंदलाजे ने कर्नाटक के लोगों के लिए कुछ भी ऐसा नहीं किया जो दिखाई दे।

बयान में उन पर राज्य में कोई भी महत्वपूर्ण केंद्रीय परियोजना, उद्योग, सिंचाई योजना या युवा रोजगार पहल लाने में विफल रहने का आरोप लगाया गया।

बयान में कहा गया है, "कर्नाटक सूखे, बेरोजगारी और कमजोर बुनियादी ढांचे से जूझ रहा है, लेकिन मंत्री अभी तक गायब हैं। उन्होंने न तो कर्नाटक के केंद्रीय कोष में उचित हिस्सेदारी के लिए लड़ाई लड़ी है और न ही राज्य को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाई है।"श्री रमेश बाबू ने सुश्री करंदलाजे पर जनता की सेवा करने के बजाय "तुच्छ राजनीति, आत्म-प्रचार और गुटबाजी" में लिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब कर्नाटक को केंद्र में नेतृत्व की ज़रूरत थी, शोभा करंदलाजे ने सिर्फ़ दिखावटी बातें और प्रेस बयान दिए।"उन्होंने सुश्री करंदलाजे के कार्यकाल को राजनीतिक विफलता और प्रशासनिक लापरवाही का एक उदाहरण बताते हुए कहा कि कर्नाटक के लोगों को यह पूछने का पूरा अधिकार है कि उन्होंने इतने वर्षों में क्या किया है और जवाब कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक ऐसे प्रतिनिधियों का हकदार है जो राज्य के लिए काम करें, न कि ऐसे प्रतिनिधि , जो व्यक्तिगत राजनीति के लिए अपना पद बर्बाद करें।

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