नागपुर , दिसंबर 14 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने रविवार को महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे द्वारा राज्य विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इतिहास पर की गई टिप्पणियों की आलोचना की।
भाजपा नेता और मंत्री राणे ने आज कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने आरएसएस के इतिहास को सामने आने नहीं दिया।
श्री राणे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री वडेट्टीवार ने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि जब नितेश राणे कांग्रेस में थे तब उन्होंने आरएसएस का इतिहास सामने क्यों नहीं लाया।
सत्र के अंतिम दिन रविवार को विधान भवन में पत्रकारों से बात करते हुए श्री वडेट्टीवार ने कहा कि अगर श्री राणे आरएसएस के इतिहास को उजागर करने के लिए इतने उत्सुक थे तो उन्हें ऐसा पहले करना चाहिए था जब वह और उनके पिता नारायण राणे, कांग्रेस में थे और मंत्री पद पर थे।
श्री वडेट्टीवार ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राणे परिवार को अब इस विषय पर कांग्रेस को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं है।
श्री वडेट्टीवार ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से मिलकर बने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने राकांपा को एक धर्मनिरपेक्ष दल के रूप में पेश करने की रणनीति अपनाई है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के अंतर्गत राकांपा नेताओं ने आरएसएस मुख्यालय का दौरा करने से परहेज किया जबकि सत्ता में बने रहने के लिए हिंदुत्व समर्थकों के साथ गठबंधन भी किया।
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