हैदराबाद , जनवरी 11 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने रविवार को कहा कि तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है और राज्य की राजनीतिक लड़ाई पूरी तरह से बीआरएस तथा कांग्रेस के बीच है।

आदिलाबाद और मेडक जिलों के पार्टी नेताओं के साथ नगरपालिका चुनावों से पहले एक तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए श्री रामाराव ने कहा कि तेलंगाना के लोग स्पष्ट रूप से कांग्रेस के 24 महीने के कुशासन की तुलना बीआरएस के दस साल के परिवर्तनकारी शासन से कर रहे हैं। भाजपा के लोकसभा चुनाव प्रदर्शन को राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल से प्रेरित एक अस्थायी घटना बताते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना में पार्टी के पास न तो जमीनी स्तर की ताकत है और न ही नेतृत्व का आधार है।

उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनावों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को करारी हार का सामना करना पड़ा और आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना के हितों से समझौता किया, खासकर कृष्णा नदी के जल बंटवारे और अंतरराज्यीय मुद्दों पर, जबकि पार्टी इस मामले पर चुप रही।

उन्होंने कहा, "लोग देख रहे हैं कि दोनों राष्ट्रीय पार्टियां तेलंगाना के खिलाफ कैसे काम कर रही हैं," और मतदाता आगामी चुनावों में एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए श्री रामाराव ने उस पर चुनावी वादों से मुकरने, भ्रष्टाचार में लिप्त होने और हाल ही में हुए पंचायत चुनावों के दौरान सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस प्रशासन किसानों और युवाओं की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है, जिससे अंतर-राज्यीय विवादों में तेलंगाना की स्थिति कमजोर हुई है। श्री रामाराव ने कहा कि बीआरएस एकमात्र विपक्षी ताकत के रूप में उभरी है जो सार्वजनिक मुद्दों पर कांग्रेस सरकार से लगातार लड़ रही है और उन्होंने संकल्प लिया कि नगरपालिका चुनाव सत्ताधारी दल के झूठे दावों और प्रशासनिक विफलताओं को उजागर कर देंगे।

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