नयी दिल्ली , जनवरी 10 -- कांग्रेस ने मनरेगा की जगह नया कानून लाने के मोदी सरकार के कदम को रोजगार की इस महत्वपूर्ण योजना पर बुलडोजर चलाना करार दिया और कहा कि पार्टी ने इसके खिलाफ पूरे देश में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' शुरु कर दिया है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को यहां एक बयान में कहा कि ग्रामीण श्रमिकों के लिए अत्यधिक उपयोगी रहे मनरेगा कार्यक्रम के लिए पार्टी ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' की जोरदार शुरुआत आज से कर दी है। इस मौके पर देशभर में हर जिला मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गयी और सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर ग्रामीणों के काम के अधिकार, आजीविका और जवाबदेही को छीनने का गंभीर आरोप लगाया।

उन्होंने कहा "कांग्रेस ने आज देशभर के प्रत्येक जिला इकाई के कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ 'मनरेगा बचाओ संग्राम' की शुरुआत कर दी। कांग्रेस इस संघर्ष को निर्णायक परिणाम तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा जब तक मनरेगा पर बुलडोजर चलाकर छीने गए काम के अधिकार, आजीविका और जवाबदेही को पूरी तरह बहाल नहीं करा लिया जाता कांग्रेस इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी।"कांग्रेस नेता ने कहा कि हाल में पारित वीबी-जी राम जी एक्ट के रूप में आये नये कानून से मनरेगा की मूल भावना खत्म हो गई है। अब काम की गारंटी कानूनी अधिकार नहीं रह गई बल्कि केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर हो गई है। मनरेगा खत्म करने से ग्राम पंचायतों की ताकत बहुत कमजोर हुई है और मजदूरी की गारंटी तथा समय पर भुगतान पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने इसे ग्रामीण भारत पर सीधा हमला बताया और कहा कि इसके खिलाफ उनका संग्राम आज से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इसकी अगली कड़ी में कल रविवार को एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर जनसंपर्क, ग्राम सभाओं में चर्चा, राहुल गांधी-मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र बांटे जाएंगे। इस क्रम में 30 जनवरी को शहीद दिवस पर वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना होगा और आगे भी इस तरह के कई कार्यक्रम अगले 45 दिन तक चलेंगे।

श्री रमेश ने कहा कि इस संग्राम की शुरुआत की देशभर से तस्वीरें और रिपोर्ट्स आ रही हैं जिनमें कहा गया है कि सिक्किम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, पंजाब, जम्मू-कश्मीर तक हर जगह कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए नजर आए, जहां उन्होंने कहा - 'मनरेगा गरीबों की लाइफलाइन है, इसे बचाना हमारी जिम्मेदारी है!' कांग्रेस का साफ संदेश है- मनरेगा मूल रूप में बहाल होना चाहिए, नहीं तो यह संघर्ष जारी रहेगा।

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