अमृतसर, दिसंबर 07 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए चुनाव बहिष्कार की घोषणा को उसकी हार का डर बताया है।

श्री धालीवाल ने रविवार को कहा कि पंजाब की राजनीति में 'जोर-जबरदस्ती' और 'विश्वासघात' का इतिहास अगर किसी ने लिखा है, तो वह कांग्रेस ने लिखा है, और आज यही पार्टी नैतिकता का पाठ पढ़ा रही है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वे अमृतसर देहाती के किसी भी इलाके से जोर-जबरदस्ती का एक भी सबूत जनता के सामने लाए। सच्चाई यह है कि कांग्रेस अपने विधायक पर हुई कार्रवाई को बहाना बनाकर जनता का सामना करने से डर रही है।

श्री धालीवाल ने कांग्रेस के इस आरोप को सिरे से खारिज किया कि चुनावों में जोर-जबरदस्ती हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहती है कि उनके विधायक सरकारिया पर कार्रवाई हुई, इसलिए वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस बताये कि अमृतसर देहाती के इलाकों, बाबा बकाला, जंडियाला, मजीठा, अटारी, अजनाला में कहाँ जोर-जबरदस्ती हुई?आप प्रवक्ता ने कांग्रेस की हालत के लिए उसकी आंतरिक कलह और अहंकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नवजोत कौर सिद्धू के बयान का हवाला दिया कि मुख्यमंत्री चेहरा बनने के लिए 500 करोड़ चाहिए जो कांग्रेस की अंदरूनी सच्चाई बताता है। श्री धालीवाल ने कहा कि कांग्रेस में पांच-पांच मुख्यमंत्री पंजाब में घूम रहे हैं। यही कारण है कि कांग्रेस बर्बाद हो चुकी है। तरनतारन में कांग्रेस का हाल पंजाब जानता है कि गुटबाज़ी, अहंकार और टिकटों की खरीद-फरोख्त ने पार्टी को खत्म कर दिया है। अब उनके साथ न कार्यकर्ता और ना ही जनता खड़ा होना चाहती है।

श्री धालीवाल ने कांग्रेस के 75 साल के काले इतिहास को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा झूठे पुलिस मुकाबलों में नौजवानों को मारना, गुरु घर पर हमला करना और 1984 में दिल्ली में सिखों को जिंदा जलाने की घटनाओं को लोग भूले नहीं हैं। कांग्रेस ने पंजाब के लोगों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया है और आज वही नैतिकता का पाठ पढ़ा रही है।

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