जयपुर , जनवरी 19 -- राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम दक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस की बयानबाजी पर कहा है कि कांग्रेस को विवाद खड़ा करने के लिए कोई न कोई मुद्दा चाहिए और वह एसआईआर को लेकर जनता को भ्रमित कर रही है जबकि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दबाव में नहीं हैं।

श्री दक ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। आयोग की ओर से सूची जारी हो चुकी है, जिसमें दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का प्रावधान है। चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और दावों-आपत्तियों की तिथियां बढ़ाने या न बढ़ाने का निर्णय आयोग अपने विवेक से करता है, किसी भी राजनीतिक दबाव में नहीं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी नाम काटने की कोई अंतिम कार्रवाई नहीं हुई है, केवल आपत्तियां दर्ज की गयी हैं। जांच के बाद सही या गलत पाये जाने पर ही निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम पुनः जुड़वा सकता है।

श्री दक ने कहा कि कांग्रेस को अंतिम सूची जारी होने के बाद यदि कोई आपत्ति होती तो बात समझ में आती, लेकिन अभी तो केवल प्रारंभिक प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस बेवजह आरोप-प्रत्यारोप कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

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