तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 01 -- कांग्रेस और सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने कहा है कि कांग्रेस विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधन का कड़ा विरोध करेगी और इसे संसद में पारित नहीं होने देगी।

श्री वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस सांसदों को तत्काल दिल्ली पहुंचने और चल रहे संसद सत्र में भाग लेने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि केंद्र सरकार इस विधेयक को पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव वाले राज्यों के सांसद प्रचार में व्यस्त हैं, ऐसे समय में इस संशोधन को पेश करना गंभीर चिंता पैदा करता है।

प्रस्तावित संशोधन को 'पूरी तरह से असंवैधानिक' बताते हुए कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि इसे गैर-सरकारी संगठनों और सामुदायिक समूहों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े संगठनों को कमजोर करने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस हर कीमत पर इस विधेयक का विरोध करेगी।"श्री वेणुगोपाल ने यह भी घोषणा की कि पार्टी इस कानून के विरोध में संसद के बाहर प्रदर्शन करेगी। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन पर नागरिकों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह संशोधन केरल में ईसाई संगठनों सहित अल्पसंख्यक संस्थानों पर दबाव बनाने के लिए एक उपकरण के रूप में काम करेगा।

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