जगदलपुर , नवंबर 13 -- छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के कांगेर घाटी में पांच से सात दिसंबर तक तितली महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

राज्य शासन द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय "कांगेर वैली बटरफ्लाई मीट 2025" का आयोजन पांच से सात दिसंबर तक सुरम्य कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में किया जाएगा। बस्तर की इस रहस्यमयी घाटी को "जंगल का जीवित काव्य" कहा जाता है, जहाँ सदियों पुराने वृक्ष समय की कहानियाँ सुनाते हैं और तितलियाँ अपने रंगीन पंखों से प्रकृति के कैनवास पर नई कविताएँ रचती हैं।

कांगेर घाटी जगदलपुर कार्यालय ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि इस आयोजन में भाग लेने वाले प्रतिभागी जंगल की लय में खो जाने, वन्यजीवों के बीच जीवन की नजदीकी को महसूस करने और तितलियों की अद्भुत विविधता को देखने का सुनहरा अवसर प्राप्त करेंगे। इस तीन दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य तितलियों के अध्ययन, पहचान और संरक्षण के महत्व को समझना और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना है।

कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार पहले दिन प्रतिभागियों का पंजीकरण जगदलपुर स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय में किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें निर्धारित वन शिविरों में भेजा जाएगा। दूसरे दिन तितलियों की विभिन्न प्रजातियों के प्रलेखन पर केंद्रित फील्ड ट्रेल्स का आयोजन किया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागी जंगल के रास्तों पर चलते हुए तितलियों की जीवनशैली को नजदीक से देख सकेंगे। अंतिम दिन सभी प्रतिभागी आधार शिविर में एकत्रित होकर अपने अनुभव साझा करेंगे और तस्वीरें तथा डेटा प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन न केवल तितली प्रेमियों के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कांगेर घाटी का प्राकृतिक वातावरण इस आयोजन को और भी यादगार बना देगा।

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