कांकेर, दिसंबर 10 -- छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले में आज चार नक्सलियों ने प्रदेश सरकार की योजना- पुनर्वास से पुनर्वजीवन पर भरोसा जताते हुए आत्म समर्पण कर दिया है। इन चार नक्सलियों पर कुल 23 लाख रुपयों ईनाम घोषित था।
आज तात्कालिक तौर पर सभी नक्सलियों को पचास - पचास हजार रुपयों की सहायता राशि दे दी गई है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षण पी. सुंदरराज, पुलिस अधीक्षक कांकेर समेत बहुत से आला अधिकारी इस मौके पर मौजूद थे। काजल उर्फ रजीता वेड़दा (ईनाम राशि आठ लाख) गढ़चिरौली डिविजन कंपनी नंबर दस की सदस्य मंजुला उर्फ लक्ष्मी पोटाई एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम) ईनाम राशि पांच लाख) बस्तर डिवीजन में सक्रिय यह महिला नक्सली टेक्निकल टीम की सदस्य थी। विलास उर्फ चैतु उसेंडी परतापुर प्लाटून कंपनी (माओवादी/पीपीसीएम ईनाम राशि पांच लाख) यह नक्सली दंडकारण्य इलाके में सक्रिय था प्लाटून नंबर 50 में सक्रिय यह नक्सली भी टेक्निकल टीम का सदस्य था। राम साय उर्फ लखन मर्रापी सदस्य परतापुर एरिया कमेटी पर भी पांच लाख का ईनाम था।
काजल साल 2021 में नक्सली बनी और वह नवंबर 2024 में जिस नक्सल पुलिस मुठभेड़ में वह शामिल रही थी, उस मुठभेड़ में पांच नक्सलियों की मौतें हुई थी। मंजुला ऊर्फ लक्ष्मी पोटाई 2005 में नक्सली बनी और 2006 से 2024 तक वह 16 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल रही थी। महामाया और दल्ली के मध्य हुए आईईडी विस्फोट में तीन जवान शहीद हुए थे उस घटना में यह नक्सली शामिल थी, इसके आलावा साल 2009 में हुए मुठभेड़ में भी यह नक्सली शामिल थी,12 जुलाई 2009 को हुए इस मुठभेड़ में राजनांदगांव जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे की शहादत हुई थी।
विलास उर्फ चैतु उसेंडी 1995 में नक्सल संगठन में शामिल हुआ था, साधु मिच गांव में हुए आई ई डी ब्लास्ट में पांच जवानों की शहादत हुई थी, इस शहादत का जिम्मेदार यह नक्सली भी है। इसके आलावा साल 2025 में पोदेबेड़ा बिजागुंडा में हुए पुलिस नक्सलियों के मुठभेड़ के दौरान भी यह नक्सली मौके पर मौजूद था। चौथा नक्सली रामसाय 42 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल रहा है, रामसाय साल 2004 में नक्सली बना था,2010,2019 और 2024 के पुलिस नक्सलियों की मुठभेड़ों में वह शामिल रहा था, साल 2024 के मुठभेड़ में एक जवान की शहादत हुई थी और एक नक्सली भी मारा गया था,2010 की मुठभेड़ भुस्की मोड़ पर हुई थी इस मुठभेड़ में पांच जवानों की शहादत हुई थी। साल 2019 में नक्सलियों ने महला में एक एंबुश लगाया था इस एंबुश में फंसकर चार जवानों की शहादत हुई थी।
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