श्रीनगर , नवंबर 12 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया और प्रतिबंधित समूह के सदस्यों और सहयोगियों के ठिकानों की तलाशी ली।
पुलिस ने समन्वित अभियानों में कुलगाम में 200 से अधिक स्थानों पर छापे मारे, जबकि अन्य सुरक्षा बलों के सहयोग से सोपोर, ज़ैंगीर और राफियाबाद में 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापे मारे।
गौरतलब है कि 28 फरवरी, 2019 को जेईआई को एक 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया गया था और 2024 में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 के तहत प्रतिबंध को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया था।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कुलगाम में छापेमारी के दौरान जेईआई सदस्यों और सहयोगियों के घरों और परिसरों को निशाना बनाया। यह छापेमारी जमीनी स्तर पर समर्थन और आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कुलगाम में छापे जेईआई सदस्यों और उनके सहयोगियों के घरों और परिसरों पर मारे गए। यह जमीनी स्तर पर आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र और उसके समर्थन ढांचे को खत्म करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। उत्तरी कश्मीर के सोपोर उप-जिले में पुलिस ने आज कई तलाशी अभियान चलाए। अन्य सुरक्षा बलों की सहायता से सोपोर, ज़ैंगीर और राफियाबाद क्षेत्रों में 25 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। पुलिस ने कहा कि यह तलाशी विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं पर आधारित थी, जिसमें ऐसे संकेत मिले थे कि जेईआई से जुड़े तत्व विभिन्न मोर्चों पर अपनी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, सोपोर में अभियान के दौरान प्रतिबंधित संगठन से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल गैजेट्स और मुद्रित सामग्री सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गयी और विस्तृत जांच के लिए जब्त कर ली गयी। पुलिस ने बताया कि गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता का पता लगाने के लिए कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
प्रतिबंधित जमात पर यह ताजा कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा कई स्तरों पर सक्रिय आतंकवादी समर्थन नेटवर्क को ध्वस्त करने के अपने तेज अभियान के तहत घाटी भर में 1,300 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के कुछ दिनों बाद हुई है।
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